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Sunday, 22 September 2019

मूंग दाल की खस्ता कचौड़ी बनाएं


                    हलवाई जैसी मूंग दाल की 
                    खस्ता कचौड़ी बनाएं घर पर
     

मूंग दाल कचौड़ी बनाने की सामग्री-
            मूंग दाल- एक कप
            हींग- 1/4 टेबलस्पून
            धनिया पावडर- एक चम्मच
            गरम मसाला- एक चम्मच
            लाल मिर्च पावडर-   स्वादानुसार
            जीरा - एक चम्मच
            चाट मसाला- एक चम्मच
            हरी मिर्च- स्वादानुसार
            सौंफ- एक चम्मच
            नमक- स्वादानुसार
            धनिया पत्ती- थोड़ी सी
            अदरक- एक इंच बारीक कटी हुई
            तलने के लिए तेल या घी
            आटा- एक कप
            मैदा- एक कप

बनाने की विधि-
 कचौड़ी बनाने के लिए दाल को तीन घण्टे पहले भिगो देंग। जब दाल फूल जाय तो दाल को दरदरा पीस लेंगे।इसके बाद कड़ाही में दो बड़ा चम्मच तेल डालकर गैस पर रख देंगे। जब तेल गरम हो जाय तब उसमें हींग, फिर जीरा भूनें। जीरा चटकने बादके बाद हल्दी, तथा उसके बाद भिगोई दरदरी पिसी दाल कढ़ाई में डालकर सोंधी-सोंधी भून लें। आटा और मैदे से तैयार गोल-गोल लोई में इस डाल के मिश्रण को भरकर छोटी-छोटी कचौड़ियों को तेल या घी में तल कर चटनी या आलू की रसेदार सब्ज़ी के साथ परोसें।
             खुद खाएं, पड़ोसियों और रिश्तेदारों को भी खिलाएं!..

                               ■■■■■■■■

Tuesday, 23 April 2019

सब्जी की टॉपिंग्स और मूँगदाल का पापड़

           
                        सब्जी की टॉपिंग्स के साथ
                              मूंग दाल का पापड़ 


            पापड़ तो हम हमेशा खाने के साथ या चाय के साथ खातें हैं किंतु जब हम पापड़ के ऊपर कुछ सब्जियों की टॉपिंग्स डाल दें तो यह एक स्वास्थ्य बर्धक नास्ता बन जाता है।...

           तो आइए पापड़ टॉपिंग्स बनाना सीखते हैं!

   पापड़ टॉपिंग्स बनाने की सामग्री-
       
         मूँग दाल का पापड़- 2
         लाल शिमला मिर्च कटी हुई-  2चम्मच
         पीली शिमलामिर्च- 2चम्मच
         प्याज- आधी, कटी हुई
         नींबू-आधा
         मूंग स्प्राउट्स- 4चम्मच
         नमक- स्वादानुसार
         चाट मसाला- आधा चम्मच
         कालीमिर्च- 1/4 छोटा चम्मच
         टमाटर- 2चम्मच, कटा हुआ
          हृरी मिर्च- कटी हुई स्वाद के अनुसार
          हरी धनिया- थोड़ी सी सजाने के लिए

पापड़ टॉपिंग्स बनाने की विधि-

            सबसे पहले पापड़ को गैस पर सेंक लें। आप चाहे तो इसे तेल में तल भी सकते हैं पर सिंका पापड़ किसी के लिए भी स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर होता है। सिंके हुए पापड़ के ऊपर सबसे पहले कटी हुई प्याज डालें। उसके ऊपर लाल पीली शिमलामिर्च, टमाटर और स्प्राउट्स डाल दें। अब हरी मिर्च नमक चाट मसाला, काली मिर्च छिड़क दें । अंत में नींबू का जूस स्वादनुसार पापड़ पर डाल दें। पापड़ टॉपिंग्स खाने के लिए तैयार है।
             
नोट- पापड़ पर टॉपिंग्स  डाल कर तुरन्त खाना चाहिए नहीं तो पापड़ सील जाएंगे और खाने में भी अच्छे नही लगेंगे।■■
                     

Wednesday, 30 January 2019

घी चीनी के बिना बनाएं मिठाई


                           चीनी-गुड़-घी के बिना
                      बनाएं स्वास्थ्यवर्द्धक मिठाई


    
          
    
                 मिठाई का नाम आते ही सबके मन में यही बात आती है कि चीनी या गुड़ के बिना मिठाई नहीं बन सकती है। किंतु आज हम एक ऐसी मिठाई बनाएंगे जिसमें गुड़ या चीनी का प्रयोग नहीं होना है। यही नहीं, कोलोस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले घी का भी प्रयोग इसमें नहीं होना है। साथ ही यह मिठाई बच्चों के लिए ऊर्जा एवं स्फूर्तिवर्द्धक तथा बड़ों के लिए स्वास्थ्यवर्द्धक भी होती है। स्वाद से भी भरपूर है यह Energy Bar Sweet, बिना किसी साइड इफेक्ट के।
            तो आइए, बनाते हैं बिना गुड़-चीनी-घी की स्वादिष्ट स्फूर्तिदायक मिठाई!...
   
सामग्री:-
                                बिना बीज के खजूर - एक कप
                                तिल- 1/4 कप
                                काजू-  1/4 कप
                               अखरोट- 1/4 कप
                               बादाम- 1/4कप 
                               दालचीनी पाउडर- एक चम्मच
                               बटर पेपर
विधि- 
          सबसे पहले खजूर को बीज निकाल कर साफ कर लें।काजू, बादाम, अखरोट आदि को भी साफ कर लें। सभी मेवों को कड़ाही में धीमी आंच पर भून लें। जब सभी मेवे भुन जाएं तो उन्हें दरदरा पीस लें । खजूर को भी अलग से मिक्सी में पीस लें। जब खजूर का अच्छा पेस्ट बन जाय तो कड़ाही को गैस पर रखें। ख़जूर का पेस्ट डालकर धीमी आँच पर थोड़ी देर भूनें। पेस्ट कड़ाही छोड़ने  लगे तो सारे मेवे डालकर चलाएं। एक प्लेट पर बटर पेपर लगाकर सारी सामग्री को उस प्लेटपर अच्छी तरह  फैला दें। जब मिश्रण  ठंडा हो जाय तो बर्फी के आकार में काट लें ।
             बस, तैयार है स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्द्धक मिठाई- Energy Bar ! खाएं, खिलाएं, सबको बताएं और कमेंट-बॉक्स में अपने कमेंट और सुझाव भी जरूर दें! ★★


Monday, 28 January 2019

आलू मटर टिक्की विद सिजलर


               आलू मटर टिक्की विद सिजलर स्वाद





आजकल जाड़े का सीजन है! मटर बहुत मिलती है! मटर की सब्जी, पोहे, आलू मटर तो सभी ने बनाए-खाएं होंगे। इस खूबसूरत मौसम में आज हम बनायेंगे आलू मटर की टिक्की विद सिज़लर स्वाद! मौसमी सब्जियों के सिजलर स्वाद का मजा ही कुछ और है।

 टिक्की बनाने की सामग्री:-

                                  आलू-  उबली हुई 200 ग्राम
                                  मटर हरी - 100 ग्राम
                                  तेल- चार बड़े चम्मच
                                  हरी मिर्च- स्वादानुसार 
                                  हरी धनिया - थोड़ी सी
                                  जीरा- एक टेबलस्पून
                                  अरारोट पाउडर- चार बड़े चम्मच
                                  हल्दी- एक टेबलस्पून
                                  लाल मिर्च- स्वादानुसार
                                  धनिया पाउडर- एक टेबलस्पून
                                  गरम मसाला-आधा टेबलस्पून
                                  नमक- स्वादानुसार

टिक्की बनाने की विधि:-

             सबसे पहले कड़ाही में आधा टेबलस्पून तेल डालें।तेल गरम हो जाय तो जीरा डालें। फिर हल्दी ,धनिया, मिर्च डालकर मसालों को भून लें। जब सभी मसाले जब अच्छी तरह से भुन जाएं तो मटर डालकर ढक दें। मटर के पक जाने पर नमक डालकर चलाएं और गैस बंद कर मटर ठंडा होने के लिए रख दें।अब उबली हुई आलू छीलकर मैस कर लें। आलू में नमक, अरारोट पाउडर, हरी मिर्च, हरी धनिया डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। जब अच्छा सा पेस्ट तैयार हो जाय तब आलू का पेस्ट हाथ में लेकर उसमें मटर भर कर बन्द करके टिक्की का आकार दें। जब सारी टिक्की बन जाय तब गैस पर नॉन स्टिक तवा चढ़ाकर टिक्की रखकर ब्राउन होने तक करारी -करारी सेंक लें।

हरी चटनी बनाने की सामग्री:-

                           हरी धनिया-25ग्राम
                           हरी मिर्च-चार
                           नमक-स्वादानुसार
                          अमचूर पाउडर-दो टेबलस्पून

विधि:-

      बस, हरी धनिया और मिर्च को साफ पानी से धोकर मिक्सी के जार में नमक आमचूर के साथ पानी मिलाकर पीस लें। हरी धनिया-मिर्ची की चटनी तैयार है।

मीठी चटनी बनाने की सामग्री:-

                      इमली का गूदा- आधा कप
                      काला नमक- आधा टेबलस्पून
                      गुड़- आधा कप
                      सोंठ पाऊडर- आधा टेबलस्पून
                      गर्म मसाला- आधा टेबलस्पून
                      किसमिस - एक बड़ा चम्मच
                      खरबूजे की मींग- एक चम्मच

मीठी चटनी बनाने की विधि:-

                कड़ाही में इमली का गूदा और गुड़ मिलाकर गैस पर पकने के लिए रख दें। गुड़ घुल जाय तो उसमें काला नमक, सोंठ पाउडर, गरम मसाला डालकर थोड़ी देर पका लें।बस, मीठी चटनी तैयार है।

सिजलर के लिये आवश्यक सामग्री:-

                       सीजनल सब्जियां बारीक कटी हुई,
                       सिजलर प्लेट।

सिजलर बनाने का तरीका:-
                  सिजलर बनाने के लिए सबसे पहले सिजलर प्लेट लें। प्लेट गरम करने लिए वरीयतः तेज गैस पर रख दें। मौसमी सब्जियों (पत्तागोभी, फ्रेंचबीन्स, गाजर ,शिमला मिर्च आदि) को अच्छी तरह साफ कर बारीक-बारीक काटकर सिज़लर प्लेट पर डाल दें। टिक्की को सिज़लर प्लेट पर रखकर गरमा- गरम खट्टी मीठी चटनी के साथ सर्व करें।
      आनंद लें और अपने कमेंट्स कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें।
                                  ★★★★★

                     

















 
     

Friday, 4 January 2019

रिकोछ- मजा लो निःसंकोच


                रिकोछ - एक लाज़वाब देसी व्यंजन




रिकोछ एक ऐसा देसी व्यंजन है, जिसका प्रयोग नास्ता तथा सब्जी दोनों के रूप में किया जा सकता है। यह विभिन्न प्रकार की दालों से भाप द्वारा बनाया जाता है। किन्तु उड़द की दाल इसके लिए सर्वाधिक स्वादिष्ट एवं उत्तम मानी जाती है।

सामग्री-
         उड़द दाल- एक कप
         हल्दी- एक चम्मच
         लालमिर्च- स्वादानुसार
         धनिया पावडर- एक चम्मच
         हरी- मिर्च
तड़के के लिये सामग्री-
         जीरा- एक टेबलस्पून
         मेथी- एक चुटकी
         तेल- दो बड़े चम्मच
          हींग- एक चुटकी
प्यूरी के लिए सामग्री-
           लहसुन-अदरक का पेस्ट- एक चम्मच
           प्याज- मध्यम आकर की एक
           धनिया पाउडर-एक टेबलस्पून
           मिर्च- स्वादानुसार
           हल्दी पाउडर- एक चम्मच

  रिकोछ बनाने की विधि-

           सबसे पहले दाल को दो कप पानी में चार घण्टे  के लिए भिगो दें। जब दाल पूरी तरह से फूल जाय तो पानी से निकाल लें । अब दाल में हरी मिर्च, अदरक थोड़ी सी हींग डालकर पेस्ट बना लें । पेस्ट को एक कटोरे में पलट लें, फिर उसमें धनिया पाउडर, हल्दी, मिर्च, नमक आदि मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें । जब पेस्ट थोड़ा फूल जाय तो कड़ाही में तेल लगाकर गैस पर रखे। जब कड़ाही गर्म हो जाय तो दाल की छोटी-छोटी टिक्की बनाकर कड़ाही में चिपका कर प्लेट से ढक दें। आंच कम कर दें। थोड़ी देर बाद उसमें पानी क
के छीटें डालकर ढक दें। थोड़ी देर बाद टिक्की को पलट कर फिर थोड़ी देर के लिए ढक दें। जब दाल की टिक्की का रंग सुनहरा हो जाय तो उसे प्लेट में निकाल लें। अब प्याज का पेस्ट बना लें  इसके बाद कड़ाही में  तेल डालें। जब तेल गरम हो जाय तो हींग, जीरा, मेंथी क्रमशः डालें। इसके लाल होने के बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें , फिर प्याज का पेस्ट डालकर अच्छे से भुने। जब पेस्ट कड़ाही की तली छोड़ने लगें तो उसमें हल्दी ,धनिया, मिर्च, नमक डालकर थोड़ी देर चलाएं। मसाले में दाल की टिक्की डालकर चलाए। यदि टिक्की नास्ते में खानी हो तो उसमें आधा कप पानी डालकर ढक दें। जब मसाला टिक्की में अच्छी तरह मिल जाय तो गैस बंद कर दें। गरम-गरम चटनी के साथ खाएं। यदि आपको सब्जी बनानी हो तो पानी की मात्रा बढ़ा दें। गरमा-गरम रिकोछ तैयार है। ■■■

Sunday, 1 July 2018

Rose & Lemon Drink

           
                              रोज़ एंड लेमन ड्रिंक
                      ( Rose & Lemon Drink )


         गुलाब (Rose) का शरबत जहाँ एक ओर दिमाग को ठंडा रखता है, वहीं दूसरी ओर गर्मी से भी राहत देता है। यह मन को भी शांत रखता है तथा स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है। इसमें यदि नीबू के रस का सही मात्रा उपयोग किया जाय तो यह अमृत की तरह काम करता है। विशेषकर गर्मियों में इस पेय का हमेशा उपयोग करने से न केवल तन-मन को संतुष्टि मिलती है बल्कि इससे पेट और पाचन संबंधी परेशानियों से भी राहत मिलती है। केमिकल-रहित यह  Rose & Lemon Drink एक अत्यंत स्वास्थ्य-वर्धक शर्बत है।

 रोज एंड लेमन ड्रिंक बनाने की सामग्री :

                                     गुलाब की पंखुड़ी- एक कप
                                     चीनी - 100ग्राम
                                     नींबू - दो

रोज  एंड लेमन ड्रिंक बनाने की विधि :

              सबसे पहले एक कप पानी उबाल लें। जब पानी उबल जाय तो उसमें गुलाब की पंखुड़ी डाल कर कुछ समय के लिए ढँक दें। इसके बाद सौ ग्राम चीनी में दो कप पानी मिलाकर चीनी गलने तक गैस पर रखें, जब चीनी पूरी तरह से गल जाय तो उसमें गुलाब की पंखुड़ी वाला पानी मिलाकर ठंडा होने के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद इसमें दोनों नींबू का निकाला गया जूस मिला दें। इस मिश्रण को इसे साफ छन्नी से छान लें। इसके बाद शर्बत दो घण्टे के लिए फ़्रिज में रख दें। तैयार ठंडे इस Rose & Lemon Drink  इच्छााानुसार बर्फ का टुकड़ा डालकर पीने के लिए दें! 
           आपको और मेहमानों को निश्चित ही यह पेय पसंद आएगा! ★★★

Saturday, 30 June 2018

मनमोहा-पोहा:


                                 इलाहाबादी
                                मनमोहा-पोहा
                With Rose & Lemon Drink





          पोहा पूरे देश भर में विभिन्न तरीके से बनाया और खाया जाता रहा है। परंतु पोहा खाने के इतने सारे फायदे हैं कि शायद कम ही लोग जानते होंगे। एक तरफ पोहा डायविटीज के मरीजों का शुगर-लेवल कंट्रोल करता है तो दूसरी तरफ कोलोस्ट्राल भी कम करता है । इसे बहुत सारी सब्जियों के साथ मिलाकर खाने से मोटापा भी कम होता है। इसलिए आज हम सब्जियों का इस्तेमाल करके पोहा बना रहे हैं। चूंकि सब्ज़ीयुक्त पोहा छोटों-बड़ों सबके मन को भाता है, इसलिए इसे 'मनमोहा-पोहा' नाम दिया गया है! उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और आसपास के इलाकों में मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र से भिन्न इस तरह का सब्ज़ीयुक्त पोहा बनाने का चलन है, इसलिए इसका 'इलाहाबादी' विशेषण से भी श्रृंगार किया जा सकता है।

मनमोहा-पोहा बनाने के लिए आवश्यक सामग्री :
                                 
                             पोहा - एक कटोरी
                            आलू - मध्यम आकार का एक
                            प्याज - छोटे आकार का एक
                            गाजर - आधा कप कटी हुई
                            गोभी - आधा कप कटी हुईं
                            हरी मटर - आधा कप
                            टमाटर - एक मध्यम आकार का
                            हल्दी - आधा टेबल स्पून
                            लाल मिर्च पिसी हुई - स्वादानुसार 
                            नमक - स्वादानुसार
नोट -अपने पसन्द के अनुसार कोई अन्य सब्जी भी मिला सकते हैं!
             
तड़के के लिए सामग्री :

                          राई -एक टेबल स्पून
                          करी पत्ता -आठ से दस पत्ता
                          साबूत लाल मिर्च दो
                          तेल - दो टेबल स्पून

पोहा बनाने की विधि :

             सबसे पहले गोभी, आलू, टमाटर, गाजर और प्याज को धोकर छोटे-छोटे टुकड़े में काट कर रख लें । एक स्टील की छलनी  पर पोहा रखकर सावधानी से पानी डालकर धो लें। इसके बाद गैस जलाकर  कढ़ाई रख दें। अब उसमें दो टेबल स्पून तेल डालें। जब तेल गरम हो जाय, तब उसमें राई डाल दें। राई चटकने लगे तो साबुत लालमिर्च और करी पत्ता तेल में डालें। फिर हल्दी ,प्याज डालें, तथा इसे तब तक भूने जब तक प्याज भूरे  रंग की न हो जाय। इसके बाद धीमी आंच पर गाजर ,आलू कढ़ाई में डाल दें। फिर गोभी और टमाटर डाल दें सबसे बाद में मटर डालें। गैस धीमी करके सारी सब्जियों को पका लें। जब सभी सब्ज़ियां पक जाएं तो लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक  डालें ।अब  धुलें हुए पोहे डाल दें। थोड़ी देर चलाने के बाद गैस बंद कर  दें । हरी धनिया की पत्तियों सें सजाएं।
 गरमा-गर्म मनमोहा-पोहा तैयार है! परोसें, खाएं और खिलाएं! साथ में 'रोज़ एंड लेमन ड्रिंक' ( Rose & Lemon Drink ) से इसका स्वाद और बढ़ाएं, पाएं! ★★★

       

   

Tuesday, 26 June 2018

चीला नम्बर वन:


                            मूंग-दाल का चीला






        कोई भी दाल स्वास्थ्य के लिये अत्यंत लाभदायक होती है। सभी दालों में अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, परन्तु मूंग की दाल सबसे अधिक सुपाच्य एवं स्वास्थ्यप्रद होती है। दाल अगर छिलके वाली हो तो इसके फायदे और ज़्यादा होते हैं! इसलिए आज हम  छिलके वाली मूंग-दाल का चीला बना रहे हैं।

मूंग-दाल चीला बनाने के लिए आवश्यक सामग्री:

                 साबूत मूंग - एक कप
                 नमक - स्वादानुसार
                 हरी मिर्च - एक
                 प्याज - एक मध्यम आकार की
                 लाल मिर्च पावडर- आधा टेबल स्पून
                 धनिया पावडर - आधा टेबल स्पून
                 जीरा पाउडर - आधा टेबल स्पून 
                 घी या मनपसन्द तेल- दो चम्मच

 चीला बनाने की विधि:

      सबसे पहले मूंग को साफ कर पांच घंटे भीगने दें । जब मूंग पूरी तरह फूल जाए तो मिक्सी में मूंग के साथ सभी मसाले, अदरक और हरी-मिर्च तथा आधा कप पानी डालकर इसे दरदरा पीस लें। पीसने के बाद इसे एक बर्तन में निकाल कर रख लें। मूंग के पेस्ट में प्याज बारीक काटकर इसमें मिला दें। स्वादानुसार नमक इस पेस्ट में मिला दें। 
        इसके बाद गैस जलाकर तवा गरम होने को रखें तथा जब तवा पूरी तरह गर्म हो जाय तो उस पर तेल लगाकर यह पेस्ट गोल-गोल आकर में फैला लें। धीमी आंच पर इसे करारा सेंक लें।
          हरी चटनी और सलाद के साथ गरमा-गरम स्वादिष्ट चीला परोसें और खाएं।

               
     
         अपने कमेंट्स और सुझाव भी जरूर कमेंट बॉक्स में लिखें! ■■■

Sunday, 24 June 2018

भोजन और स्वास्थ्य:


                       खाइए, खिलाइए, पचाइए!
                             स्वास्थ्य बचाइये!!


         बढ़िया-बढ़िया खाना बनाना, खाना और खिलाना किसे नहीं अच्छा लगता! गरमी की छुट्टियों में तो रोज़ कुछ नया खाने का मन करता है। लेकिन इन्हीं दिनों पेट कुछ समस्याएं भी सबसे अधिक घेरती हैं। जिसे देखो वही किसी न किसी पेट की समस्या से ग्रस्त रहता है। गैस की समस्या तो आम है ही, पेट-दर्द, अपच, दस्त आदि की समस्याएं भी किसी न किसी को घेरे रहती हैं। ऐसे में एक गृहणी के लिए पूरे घर के हिसाब से खाना बनाना-खिलाना किसी चुनौती से कम नहीं होता।

       आइए, ऐसी ही चुनौती का सामना करने के कुछ सामान्य और कारगर नुस्ख़ों पर विचार करते हैं:

       (1) घर के प्रत्येक सदस्य को भोजन से ज़्यादा पेय-पदार्थों की ओर आकर्षित करें।
       (2) तरह-तरह की खट्टी-मीठी शिकंजी हर समय तैयार रखें और हर एक को दिन में कम से कम तीन बार अलग-अलग स्वाद की शिकंजी पीने के लिए दें।
       (3) प्रत्येक डाइट में नीबू और प्याज का समावेश अवश्य करें।
       (4) हींग और जीरे की मात्रा बढ़ा दें किन्तु मिर्च की मात्रा कम कर दें।
       (5) अलग-अलग अनाजों के उबले रूप को सलाद और नाश्ते के लिए बदल-बदल कर डाइट का हिस्सा बनाएं।
       (6) खीरा का प्रयोग दोपहर के भोजन के समय ज़्यादा से ज़्यादा करें।
       (7) ठोस आहार की अपेक्षा तरल आहार , दलिया, सब्ज़ीयुक्त खिचड़ी, सेवईं, रायता आदि पर जोर दें।
      (8)  फलों की अपेक्षा सूखे मेवे/ड्राई-फ्रूट्स का उपयोग अधिक करें। कारण, बाज़ार में पुराने, कृत्रिम तरीके से पकाए गए, कीटनाशक-दवाइयों से संरक्षित फल ही इन दिनों अधिक बिकते हैं जिनमें मानकों के प्रयोग का प्रायः अभाव होता है। इसलिए ये फल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होने की जगह नुक़सान पहुंचाने वाले हो सकते हैं।
        (9) बहुत ठंडे पानी और आइसक्रीम से बचने-बचाने की कोशिश करें।
        (10) घूमने जाएं तो खानों की वैराइटी की जगह प्राकृतिक-धार्मिक-सांस्कृतिक-ऐतिहासिक वातावरण का आनंद अधिक लें।

                     💐💐💐💐💐💐💐💐

Sunday, 22 April 2018

भोजन और भजन


                             जीवन का फ़साना

भोजन और भजन 
दो ऐसे शब्द हैं 
जो अवध के जीवन में 
गुड़-मिठाई की तरह 
रचे बसे हैं!
दोनों 
यहाँ की 
संस्कृति-सभ्यता से 
ऐसे जुड़े हैं
जैसे
शरीर के साथ
आत्मा!...

यहां के गाँवों-कस्बों में 
आप महसूस कर सकते कि 
यहां के जन-साधारण का 
जीवन-दर्शन है:-
'कम खाना, गम खाना,
राम-राम करना
ऊपर वाले का
शुक्र मनाना!
यही है
जीवन का फ़साना,
चार दिन का आना
चार दिन का जाना...
जब तक है 
ये जीवन
दोनों चलेंगे,
युगों-युगों तक
साथ ये रहेंगे!...💐💐💐

Saturday, 24 March 2018

शाकाहार

         
                              शाकाहार
                स्वस्थ आहार, स्वच्छ आहार



माना कि
इंसान भी प्राणी है,
केवल शाकाहार से
मानव-सभ्यता नहीं विकसित हुई...
जानवर शाकाहारी नहीं हैं क्या?

जानवर भी शाकाहार पर
जीवन बिता सकते हैं,
इंसान क्यों नहीं?

खाइए, खिलाइए
शाकाहार
स्वस्थ आहार
स्वच्छ आहार
सबके
जीवन का आधार! ■■

Friday, 6 January 2017

अवध के व्यंजन:

                 
                        शाकाहारी व्यंजन

           अवध में शाकाहारी व्यंजनों के अनेक रंग-रूप-गंध-स्वाद हैं। रंग इतने कि बरबस आँखों को बुला लें! रूप ऐसे कि प्रकृति को भी लुभा लें! गंध ऐसी कि एक नहीं, अनेक कोस दूर बैठा रिश्तेदार दौड़ा आए!...पड़ोसियों का भी मन ललचाए! और स्वाद?...पूछिए मत! एक बार खाए तो दुबारा जरूर बनाए! आपको क्या लगता है? दुनिया में भारत को शाकाहारी देश के रूप में इन अवध के व्यंजनों ने भी विशिष्ट पहचान दिलाई है! ★★★

Sunday, 27 November 2016

शाकाहारी व्यंजन:

             
                अवध के देसी शाकाहारी व्यंजन


       वैसे तो पूरा भारत शाकाहारी व्यंजनों के लिए विश्वविख्यात है, लेकिन उत्तर भारत के वे इलाके जो वैष्णव हिन्दू संस्कृति के गढ़ रहे हैं- इस प्रकार के व्यंजनों-पकवानों में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं! अवध का इलाका इनमें ख़ास है।  भगवान राम की कार्यस्थली यह क्षेत्र आज कृषि संस्कृति का एक विशिष्ट क्षेत्र है। शायद इसीलिए खेती और उसकी उपज यहां की आजीविका ही नहीं बल्कि जीवन-शैली है। अनेक प्रकार के अनाज, सब्जियां और फल यहां के व्यंजनों को विशिष्ट स्वाद और सेहत का उपहार देते हैं।
        इनमें से कुछ ख़ास व्यंजनों का आस्वाद हम आपको कराएंगे।
      
देखते रहें- भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का आपका अपना ब्लॉग: deshikhaanaa.blogspot.com